इकोनॉमी को कोरोना पैकेज की तैयारी

इकोनॉमी को कोरोना पैकेज की तैयारी


अर्थव्यवस्था को महामारी के कहर से बचाने की कवायद में जुटी केंद्र सरकार


सरकार पर इन दिनों कारोबार के विभिन्न सेक्टर को राहत पैकेज देने के लिए चौतरफा दबाव है। इनमें एमएसएमई सेक्टर से लेकर कई रोजगारपरक क्षेत्र शामिल हैं। इसके लिए सरकार ने वित्त मंत्री के नेतृत्व में ह्यकोविड-19 इकोनॉमिक रिस्पांस टास्क फोर्सह्ण का गठन कर दिया है। एमएसएमई मंत्रलय की तरफ से छोटे उद्यमियों के लिए राहत पैकेज की मांग करते हुए वित्त मंत्रलय को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक राहत पैकेज के तहत वित्त मंत्रलय एयरलाइंस को फ्यूल टैक्स के साथ अन्य टैक्स में छूट दे सकता है। कोरोना की वजह से यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट की आशंका को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रलय ने वित्त मंत्रलय के पास यह प्रस्ताव भेजा है। इससे सरकार का 10,000-12,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित होगा। सूत्रों के मुताबिक एयरलाइंस के बाद सरकार टेक्सटाइल, होटल, ऑटोमोबाइल्स व फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों को भी वित्तीय मदद दे सकती है। ये सभी क्षेत्र रोजगारपरक क्षेत्र हैं और इन पर कोरोना का असर दिखने लगा है। यूरोप और अमेरिका के खरीदारों ने गारमेंट के निर्यातकों का ऑर्डर होल्ड कर दिया है। होटल में यात्रियों की संख्या में 50 फीसद तक कमी आ चुकी है। कोरोना के कारण वर्ष 2020 में ऑटोमोबाइल्स की बिक्री में आठ फीसद तक की गिरावट रह सकती है। सूत्रों के मुताबिक इन क्षेत्रों को राहत पैकेज देने के लिए सरकार पेट्रोल व डीजल पर हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी से होने वाली अतिरिक्त आय का इस्तेमाल कर सकती है। पिछले सप्ताह सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है जिससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। एसबीआइ के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार एसके घोष के मुताबिक कोविड-19 से प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए सरकार जरूरत के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी में और बढ़ोतरी कर सकती है और लोगों को कच्चे तेल के दाम में गिरावट का फायदा देने से रोक सकती है। कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा कोरोना संकट के कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)में चालू वर्ष की पहली छमाही में 0.1 फीसद तक की गिरावट की आशंका जाहिर की गई है। कोरोना से प्रभावित अमेरिका ने अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने को दो लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज का एलान किया है जिसे विभिन्न क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा। ब्रिटेन ने 33,000 करोड़ पाउंड के राहत पैकेज की योजना बनाई है। इस पैकेज से छोटे कारोबारियों को वित्तीय मदद दी जाएगी ताकि वे अपने कर्मचारियों को सैलरी दे सके। दुनियाभर में 2.5 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने की आशंका अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के वैश्विक कहर से दुनिया भर में 2.5 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने की आशंका है। आईएलओ की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2008-09 के दौरान वैश्विक मंदी से 2.2 करोड़ लोग बेरोजगार हुए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में बेरोजगारी फैलने से वर्ष 2020 के अंत तक श्रमिकों की आय में 86 अरब डॉलर से लेकर 3.4 टिलियन डॉलर के बीच नुकसान की आशंका है। इससे वस्तुओं व सेवाओं की खपत में भारी कमी आएगी। पैकेज के तहत ये संभव आरबीआइ की तरफ से बैंक दरों में कटौती, जिससे कर्ज लेना सस्ता हो जाएगा एनपीए घोषित होने की समय सीमा में मोहलत |